युवा ही देश को बदल सकते हैं. "हम क्या कर सकते हैं ? " इस सोच की जगह हमें क्या करना चाहिए ये सोचें. हम अपना घर दुकान फैक्ट्री चला सकते हैं, क्या अपना देश नहीं चला सकते. हम सब इसके वारिस हैं. हमें इसे लावारिस छोड़ने का कोई हक नहीं है. (परिवार >>शहर/गांव>>प्रदेश >>देश).
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